RBI की रोक का Paytm Payment Bank पर क्या असर पड़ेगा, क्या इसका वजूद बचेगा?

RBI की रोक का Paytm Payment Bank पर क्या असर पड़ेगा, क्या इसका वजूद बचेगा?

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RBI ने पिछले महीने Paytm Payments Bank (PPB) की कई सेवाओं पर रोक लगाने का ऐलान किया। पीपीबी की पेरेंट कंपनी One97 Communications है। आरबीआई ने कहा कि पीपीबी बैंकिंग नियमों का पालन नहीं कर रहा था। कई बार चेतावनी देने के बावजूद वह अपने कामकाज से जुड़ी कमियां दूर करने में नाकाम रहा, जिसके चलते उसके खिलाफ सख्त कदम उठाया गया है। केंद्रीय बैंक ने पीपीबी को डिपॉजिट लेने, कस्टमर अकाउंट में क्रेडिट ट्रांजेक्शन या टॉप-अप, प्रीपेड इंस्ट्रूमेंट्स, वॉलेट और फास्टैग जैसी सेवाओं पर रोक लगा दी है। यह रोक 1 मार्च से लागू होगी। पीपीबी को बाकी सभी ट्रांजेक्शन और नोडल अकाउंट्स का सेलमेंट 15 मार्च तक पूरा करने को कहा गया है।

Paytm के शेयरों में बड़ी गिरावट

RBI ने यह कदम 31 जनवरी को उठाया था। उसके बाद तीन कारोबारी सत्रों में पेटीएम की पेरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस के शेयर का प्राइस 42 फीसदी टूट गया था। हालांकि, उसके बाद इसमें करीब 13 फीसदी की रिकवरी आई है। पेटीएम ने कहा है कि केंद्रीय बैंक के कदमों से उसके सालाना EBITDA पर ज्यादा से ज्यादा 300 से 500 करोड़ रुपये का असर पड़ सकता है। सवाल है कि क्या इस लॉस के बावजूद पेटीएम अपने कारोबार को जारी रखने में सफल रहेगी?

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पेमेंट प्रोसेसिंग से करीब 50 फीसदी कमाई

इस सवाल का जवाब जानने के लिए सबसे पहले हमें Paytm के बिजनेस को समझना पड़ेगा। पेटीएम एक पेमेंट ऐप है। इसे डाउनलोड कर इसके जरिए पेमेंट किया जा सकता है। यह पेमेंट UPI, नेट बैंकिंग, कार्ड्स या डिजिटल वॉलेट के जरिए किया जा सकता है। पेटीम की करीब आधी कमाई पेमेंट के प्रोसेसिंग से होती है। 38 फीसदी रेवेन्यू मर्चेंट्स पेमेंट के प्रोसिंग से आता है, जबकि 21 फीसदी रेवेन्यू कंज्यूमर पेमेंट के प्रोसेसिंग से आता है। यह डेटा इस वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही का है।

UPI के बढ़ते इस्तेमाल से रेवेन्यू को सपोर्ट

पेमेंट प्रोसेसिंग पर इसे ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू का कुछ फीसदी मिलता है। यूपीआई ट्रांजेक्शन के मामले में यह 3-4 बेसिस प्वाइंट्स है, जबकि दूसरे इंस्ट्रूमेंट्स पर 15-18 फीसदी है। चूंकि यूपीआई का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, जिससे कंपनी को दोनों तरह के पेमेंट प्रोसिसंग को मिलाने पर मार्जिन करीब 5-7 फीसदी रहने की उम्मीद है। 1 बेसिस प्वाइंट 0.1 फीसदी के बराबर होता है।

प्रॉफिट के लिए दूसरी सेवाओं पर फोकस

कंपनी मुनाफा कमाने के लिए अपने ग्राहकों को दूसरी सर्विसेज ऑफर करती है। इनमें लोन के साथ ही ब्रोकिंग सर्विसेज, मूवी टिकट, रेल टिकट और क्लाउड सहित दूसरी सर्विसेज शामिल हैं। ये सभी सर्विसेज पेटीएम ऐप के होम स्क्रीन पर दिखती हैं। पेटीएम बाय नाउ पे लेटर जैसी सुविधा भी देती है। मर्चेंट्स यानी दुकानदार पेटीएम ऐप के जरिए बिजनेस लोन ले सकते हैं। यह उनके बिजनेस को बढ़ाने में भी मदद करती है।

नोटबंदी के बाद बढ़ा पेटीएम वॉलेट का इस्तेमाल

गूगल प्ले और ऐमजॉन पे के मुकाबले पेटीएम को उसके वॉलेट बिजनेस की वजह से बढ़त हासिल है। पेटीएम वॉलेट का इस्तेमाल 2016 में नोटबंदी के बाद तेजी से बढ़ा। तब सरकार ने 500 और 1,000 के करेंसी नोट पर रोक लगा दी थी। तब लोगों ने पेमेंट के लिए पेटीएम वॉलेट का खूब इस्तेमाल किया। कस्टमर्स को अपने बैंक अकाउंट से पैसा पेटीएम वॉलेट में करना होता था। किसी वॉलेट में मैक्सिमम 99,999 रुपये स्टोर किया जा सकता है।

पेटीएम पेमेंट बैंक के बिजनेस पर असर

RBI ने जो सख्त कदम उठाएं हैं, उनका असर पेटीएम पेमेंट बैंक पर पड़ेगा। इस बैंक में ONe97 कम्युनिकेश की 49 फीसदी हिस्सेदारी है। बाकी हिस्सेदारी विजय शेखर शर्मा की है, जो पेटीएम के फाउंडर हैं। पीपीबी One97 Communications की एसोसिएट कंपनी है। आरबीआई ने जो रोक लगाई है उसका असर वॉलेट बिजनेस पर पड़ेगा। दूसरा यूपीआई ट्रांजेक्शन पर भी इसका असर पड़ेगा।

क्या है पेटीएम पेमेंट बैंक का भविष्य?

अगर पीपीबी का लाइसेंस रद्द नहीं होता है तो उसका बिजनेस जारी रहेगा। ब्रोकरेज फर्में वन97 कम्युनिकेशंस के शेयरों के टारगेट प्राइस बढ़ा देंगी। इससे शेयरों में तेजी आएगी। पहले इसका टारगेट प्राइस 960 रुपये था। बाद में इसे घटाकर 740 रुपये कर दिया। अगर पीपीबी को आरबीआई से राहत नहीं मिलती है और कोई तीसरा बैंक यूपीआई ट्रांजेक्शन को सेटल करने के लिए आगे आता है तो पेटीएम का वॉलेट बिजनेस पूरी तरह से खत्म हो जाएगा।

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