Paytm Stock: छोटे निवेशकों ने दिसंबर में जमकर खरीदे पेटीएम के शेयर, कंपनी में 12.85% पहुंची हिस्सेदारी

Paytm Stock: छोटे निवेशकों ने दिसंबर में जमकर खरीदे पेटीएम के शेयर, कंपनी में 12.85% पहुंची हिस्सेदारी

[ad_1]

Paytm Stock: पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड में रिटेल निवेशकों की हिस्सेदारी दिसंबर तिमाही के दौरान बढ़ी है। दिसंबर तिमाही के अंत में रिटेल निवेशकों की हिस्सेदारी 12.85 फीसदी रही, जो इसके एक तिमाही पहले 8.28 फीसदी था। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की हिस्सेदारी भी पेटीएम में बढ़ी है। म्यूचुअल फंड की ओर से अधिक खरीदारी के चलते DIIs की हिस्सेदारी दिसंबर तिमाही के अंत में बढ़कर 6.06 फीसदी हो गई, जो एक तिमाही पहले 4.06 फीसदी था।

पेटीएम की हालिया शेयरहोल्डिंग पैटर्न के मुताबिक, घरेलू म्यूचुअल फंड मिराए म्यूचुअल फंड और निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड ने दिसंबर तिमाही में फिनटेक कंपनी में अपनी हिस्सेदारी 2.20 प्रतिशत बढ़ा दी, और अब उनके पास 3,16,64,315 शेयरों के साथ 4.99 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

बाकी हिस्सेदारी अल्टरनेटिव इनवेस्टमेंट फंड (0.63), बीमा कंपनियों (0.40), और प्रोविडेंट फंड्स/पेंशन फंड्स (0.05) सहित दूसरे घरेलू संस्थानों के पास हैं। आंकड़ों से पता चला कि नॉन-रेजिडेंट इंडियन (NRI) ने भी अपनी हिस्सेदारी 0.49 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.67 प्रतिशत कर ली है।

यह भी पढ़ें- DMart Q3 Results : दिसंबर तिमाही में 17% बढ़ा मुनाफा, रेवेन्यू में भी उछाल

विदेशी निवेशक

इस बीच, विदेशी संस्थानों के पास अब पेटीएम की 63.72 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो सितंबर तिमाही से 2.8 प्रतिशत अधिक है। पेटीएम में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) बढ़ा है। हालांकि FPI ने अपनी कुल हिस्सेदारी 2.76 प्रतिशत कम की है।

सॉफ्टबैंक ने भी अपनी हिस्सेदारी 8.34 प्रतिशत से घटाकर 6.46 प्रतिशत कर दी, जबकि अरबपति वॉरेन बफे की बर्कशायर हैथवे इंक (बीएच इंटरनेशनल होल्डिंग्स) दिसंबर में अपनी 2.46% हिस्सेदारी बेचने के बाद पेटीएम से बाहर हो गई।

इससे पहले अगस्त 2023 में पेटीएम के फाउंडर विजय शेखर शर्मा ने अपनी विदेशी स्वामित्व वाली कंपनी, रेजिलिएंट एसेट मैनेजमेंट के जरिए पेटीएम में 10.30 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए समझौता किया। रेजिलिएंट एसेट मैनेजमेंट यह हिस्सेदारी, एंटफिन (नीदरलैंड) होल्डिंग बीवी से खरीदने के लिए समझौता किया था।

इस डील के बाद अब शर्मा की रेजिलिएंट के पास कंपनी की 10.29 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि एंटफिन के पास 9.89 प्रतिशत हिस्सेदारी है और अब वह पेटीएम की सबसे बड़ा शेयरधारक नहीं है।

[ad_2]

Source link

CATEGORIES
TAGS
Share This

COMMENTS

Disqus ( )