Multibagger Shares: 2024 में कैसे खोजे मल्टीबैगर शेयर? ये 7 टिप्स आ सकते हैं काम

Multibagger Shares: 2024 में कैसे खोजे मल्टीबैगर शेयर? ये 7 टिप्स आ सकते हैं काम

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Multibagger Shares: पिछले साल यानी 2023 में भारतीय शेयर बाजारों में शानदार तेजी देखने को मिली। जाहिर तौर पर पहले से काफी महंगे बाजार में मल्टीबैगर (multibaggers) शेयरों की तलाश करना मुश्किल काम हो सकता है। हालांकि, यहां हमारा मकसद ऐसे स्टॉक की तलाश करना है, जिनमें कुछ हफ्तों नहीं, बल्कि कुछ वर्षों में बेहतर परफॉर्मेंस की संभावना हो, क्योंकि कुछ हफ्तों वाली तेजी अक्सर उसी रफ्तार से गिरावट में भी तब्दील हो जाती है, जबकि धीरे-धीरे बढ़ने वाले शेयर आम तौर पर टिकाऊ होते हैं।

ऐसे स्टॉक्स की पहचान करने का सबसे सिद्धांत यह है कि कंपनी को बेहतर तरीके से समझा जाए। इसके अलावा, हम आपको 2024 में मल्टीबैगर की पहचान करने से जुड़े अहम टिप्स बता रहे हैं।

  • भेड़चाल वाली मानसिकता से बचें
  • सबसे पहले आपको निवेश में भेड़चाल वाली मानसिकता से बचने की जरूरत है। किसी शेयर को सिर्फ इसलिए खरीदना या बेचना उचित नहीं है कि हर दूसरा निवेशक ऐसा कर रहा है। बाजार के विशेषज्ञ आपको ऐसी कंपनी में निवेश की सलाह देते हैं, जो अपनी संभावित वैल्यू से कम पर कारोबार कर रही हो और जिनमें अच्छी ग्रोथ की संभावना हो।

    इन शेयरों में निवेश कुछ ऐसा होता है, जैसे कि आप स्वचालित सीढ़ी पर चल रहे हों, मसलन आप स्थिर रहते हुए भी तेजी से अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे होते हैं। मिसाल के तौर पर ऑटो एयर-कंडीशनिंग सॉल्यूशन कंपनी सुब्रोस (Subros) का शेयर 10 साल पहले 27 रुपये प्रति शेयर था, जबकि 5 जनवरी, 2024 को 656 रुपये पर पहुंच गया। पिछले 10 साल में इसमें 2,000 पर्सेंट से भी ज्यादा की बढ़ोतरी हुई।

    2. भविष्य पर निगाह

    निवेश के बारे में फैसला करते समय ऐसी थीम का चुनाव करें, जो भविष्य के लिहाज से बेहतर है, मसलन रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आदि सेगमेंट से जुड़ी कंपनियां भविष्य की मल्टीबैगर हो सकती हैं। नए प्रोडक्ट, टेक्नोलॉजी या रिसर्च में निवेश करने वाली कंपनियों के कॉम्पिटिशन में आगे रहने की संभावना होती है।

    ब्रोकेरज फर्म एंजल वन (Angel One) के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अमर देव सिंह ने बताया, ‘ ‘टेक्नोलॉजी पर बड़े पैमाने पर निवेश करने वाली कारोबारी इकाइयां रेस में आगे रह सकती हैं और भविष्य में बेहतर रिटर्न दे सकती हैं।’ उदाहरण के तौर पर इलेक्ट्रिस बस बनाने वाली कंपनी ओलेक्ट्रा ग्रीन टेक (Olectra Greentech) के शेयरों में पिछले साढ़े 3 साल में 1,500 पर्सेंट से अधिक का रिटर्न दिया है।

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    3. कर्ज में कमी बेहतर संकेत

    मार्केट एक्सपर्ट्स का जोर इस बात पर होता है कि निवेशकों को कंपनी के डेट-टू-इक्विटी रेशियो पर नजर रखनी चाहिए। कई कंपनियां अपने कर्ज का बोझ कम रही हैं, क्योंकि कोरोना के बाद उनके बिजनेस से बेहतर कैश हासिल हो रहा है। किसी कंपनी का कर्ज कम होने का मतलब यह है कि अगर उसके बिजनेस में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहता है, तो उसके पास ज्यादा कैश उपलब्ध होगा। लिहाजा, निवेशकों को ऐसी कंपनियों की तलाश करनी चाहिए, जो लगातार अपना कर्ज कम कर रही हैं।

    4. कैश फ्लो पर नजर रखें

    जानकारों के मुताबिक, मल्टीबैगर की सबसे बड़ी खूबी यह होती है कि फ्री कैश फ्लो (FCF) जेनरेट करने में कंपनी कितनी सक्षम है। FCF का मतलब ऐसे कैश फ्लो से है, जो कंपनी ने कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए निकाले हैं। हालांकि, भारत ऐसी कंपनी में इसका आकलन करना पाना अक्सर मुश्किल होता है, क्योंकि ज्यादातर कंपनियां भविष्य की ग्रोथ के लिए निवेश कर रही हैं। लिहाजा, ऐसी कंपनियों की तलाश की जा सकती है, जो लगातार कैश जेनरेट करती हैं।

    5. सरकार की प्राथमिकताओं में हो रहे बदलावों पर रखें नजर

    अगर सरकार किसी खास सेगमेंट में ग्रोथ को रफ्तार देने पर फोकस करती है, तो आप उस सेगमेंट से जुड़ी कंपनियों की शेयरों की किस्मत पूरी तरह से बदल जाती है। उदाहरण के लिए सरकार द्वारा घरेलू स्तर पर डिफेंस संबंधी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने से डिफेंस स्टॉक्स में ग्रोथ देखने को मिली है। रेलवे सेगमेंट के शेयरों के मामले में भी यही बात लागू होती है।

    6. बेहतर मैनेजमेंट वाली कंपनियों पर लगाएं दांव

    अगर किसी कंपनी में गवर्नेंस बेहतर है और उसका मैनेजमेंट पारदर्शी है, तो कंपनी की ग्रोथ टिकाऊ होने की संभावना रहती है। अगर संकटों से निपटने में मैनेजमेंट का ट्रैक रिकॉर्ड बेहतर है, तो उसकी परफॉर्मेंस बेहतर बनी रहने की संभावना होती है।

    मोतीलाल ओसवाल में रिटेल रिसर्च, ब्रोकिंग और डिस्ट्रिब्यूशन के हेड मोतीला ओसवाल ने बताया, ‘अगर किसी कंपनी का बिजनेस अच्छा है और मैनेजमेंट बेहतर नहीं है, तो इससे कंपनी की भविष्य की ग्रोथ प्रभावित होगी।’

    7. लीडर्स की तलाश

    2014 में मल्टीबैगर की तलाश करने का अंतिम सूत्र किसी कंपनी को इस आधार पर परखना है कि वह जिस मार्केट में काम कर रही है, वहां वह अग्रणी पंक्ति में है या नहीं। अगर कोई कंपनी अपने कारोबार में बाकी कंपनियों के मुकाबले बढ़त बनाए हुए है, तो उस कंपनी में ग्रोथ की काफी बेहतर संभावना होती है। उदाहरण के लिए भारतीय गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाली बेयरिंग्स में NRB बेयरिंग्स (NRB Bearings) के प्रोडक्ट की 70 पर्सेंट हिस्सेदारी है।

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