LIC का शेयर 6 महीनों में 53% चढ़ा, क्या सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी के स्टॉक्स में तेजी जारी रहेगी?

LIC का शेयर 6 महीनों में 53% चढ़ा, क्या सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी के स्टॉक्स में तेजी जारी रहेगी?



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले हफ्ते राज्य सभा में अपने भाषण में LIC के प्रदर्शन की तारीफ की थी। उन्होंने एलआईसी के शेयरों के प्रदर्शन का जिक्र किया था, जो पिछले तीन महीनों में करीब 70 फीसदी चढ़ चुके हैं। LIC का शेयर मई 2022 में स्टॉक मार्केट में लिस्ट हुआ था। तब से पहली बार इस स्टॉक ने हाल में अपने इश्यू प्राइस को पार किया है। मनीकंट्रोल ने दिसंबर में एलआईसी में निवेश करने की सलाह दी थी। तब से यह स्टॉक 30 फीसदी चढ़ चुका है। सवाल यह है कि क्या एलआईसी के स्टॉक में तेजी जारी रहेगी?

तीसरी तिमाही में LIC के प्रदर्शन में सुधार

LIC के शेयरों में अभी काफी दम दिखता है। इस स्टॉक को लेकर पॉजिटिव नजरिया का बड़ा कारण एलआईसी की कम वैल्यूएशन रही है। अब कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में सुधार के संकेत हैं। इस वित्त वर्ष की पहली छमाही में कंपनी का प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा। लेकिन, तीसरी तिमाही में कई मोर्चों पर प्रदर्शन में सुधार देखने को मिला है। इस वित्त वर्ष के पहले 9 महीनों में कंपनी का प्रॉफिट बढ़ा है। लेकिन, इसकी तुलना एक साल पहले के प्रॉफिट से नहीं की जा सकती।

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पहली छमाही में एपीआई में 10 फीसदी गिरावट

बीमा कंपनी के प्रदर्शन के आकलन के लिए प्रॉफिट सही पैमाना नहीं है। लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों के प्रदर्शन का आकलन उनके रेवेन्यू की ग्रोथ से होता है। इसका मतलब टोटल एनुलाइज्ड प्रीमियम इक्विवेलेंट (APE) है। इस पैमाने से लाइफ इंश्योरेंस कंपनी की बिजनेस सेल्स का पता चलता है। इस वित्त वर्ष की पहली छमाही में साल दर साल आधार पर एलआईसी के एपीई में 10 फीसदी गिरावट आई। इसकी वजह ग्रुप प्रीमियम में गिरावट थी। इंडिविजुअल प्रीमियम में बदलाव नहीं हुआ।

कंपनी प्रोडक्ट मिक्स में कर रही बदलाव

कंपनी ने मैनेजमेंट ने अपने वित्तीय नतीजों के बारे में बताते हुए पहली छमाही में प्रदर्शन में आई गिरावट की भरपाई करने का भरोसा जताया था। इसके लिए कंपनी की तरफ से की जाने वाली कोशिशों खासकर नए प्रोडक्ट्स के बारे में बताया था। अब तक कंपनी के प्रोडक्ट्स पोर्टफोलियो में सेविंग्स वाले प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी ज्यादा रही है। इन्हें एन्डॉमेंट प्लान कहा जाता है। लंबे समय से कंपनी का फोकस पार्टसिपेटिंग प्रोडक्ट्स पर रहा है।

प्योर प्रोटेक्शन प्लान पर ज्यााद फोकस

पार्टिसिपेटिंग प्रोडक्ट्स का मतलब ऐसे प्रोडक्ट्स से है, जिनमें न्यूनतम रिटर्न की गारंटी होती है और पॉलिसीहोल्डर्स की कंपनी के प्रॉफिट में हिस्सेदारी होती है। इसके उलट प्राइवेट कंपनियों के प्रोडक्ट मिक्स में प्योर प्रोटेक्शन प्लान की ज्यादा हिस्सेदारी है। इन्हें टर्म प्लान कहा जाता है। इनमें मार्जिन ज्यादा है। इस वित्त वर्ष के पहले 9 महीनों में रेवेन्यू कमजोर रहने के बावजूद अब कंपनी ज्यादा मार्जिन वाले प्रोडक्ट्स पर फोकस कर रही है। खासकर लिस्टिंग के बाद से कंपनी ने अपना फोकस बदला है।

पार्टिसिपेटिंग प्रोडक्ट्स में मार्जिन कम

एलआईसी का वैल्यू ऑफ न्यू बिजनेस (VNB) मार्जिन वित्त वर्ष 2023-24 की तीसरी तिमाही में बढ़कर 20 फीसदी पहुंच गया। यह इस वित्त वर्ष के पहले 9 महीनों में 16.6 फीसदी है। कंपनी के मैनेजमेंट का मानना है कि यह मार्जिन आगे भी जारी रहेगा। पार्टिसिपेटिंग प्रोडक्ट्स में मार्जिन घटा है। लेकिन, कंपनी का फोकस अब नॉन-पार्टिसिपेटिंग प्रोडक्ट्स पर है।

लंबी अवधि के लिहाज से निवेश बढ़ाने की सलाह

लाइफ इंश्योरेंस कंपनी की वैल्यूएशन का पता एम्बेडेग वैल्यू (EV) से चलता है। इसमें भविष्य में होने वाले प्रॉफिट की वर्तमान वैल्यू, मौजूदा बिजनेसेज और नेटवर्थ शामिल होता है। अभी एलआईसी के शेयर में इस वित्त वर्ष में अनुमानित ईवी के 0.9 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। कंपनी की ईवी इस वित्त वर्ष की पहली छमाही में साल दर साल आधार पर 22 फीसदी बढ़ी है। इस पूरे वित्त वर्ष में कंपनी की ईवी ग्रोथ अच्छी रहने की उम्मीद है। आने वाले समय में कंपनी की रिरेटिंग हो सकती है। लंबी अवधि के लिए इस स्टॉक में निवेशक निवेश बढ़ा सकते हैं।

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