ITC में स्टेक सेल की तैयारी, शॉर्ट टर्म में कंपनी के शेयरों पर दिख सकता है दबाव

ITC में स्टेक सेल की तैयारी, शॉर्ट टर्म में कंपनी के शेयरों पर दिख सकता है दबाव

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ITC (आईटीसी) का शेयर 16 फरवरी को कारोबार के दौरान थोड़ी देर के लिए 400 रुपये के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे यानी 10 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। दरअसल, कंपनी का सबसे बड़ा शेयरहोल्डर ब्रिटिश अमेरिकन टोबैको (BAT) अपनी 4 पर्सेंट हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में है और इसका असर कंपनी के शेयरों पर देखने को मिल रहा है।

हालांकि, बाद में कंपनी के शेयरों ने रिकवरी की और NSE में यह तकरीबन फ्लैट 404.60 रुपये पर बंद हुआ। ITC पर नजर रखने वाले एनालिस्ट्स और ट्रेडर्स का कहना है कि प्रस्ताविक स्टेक सेल से कंपनी में बुनियादी रूप से कुछ बदलाव नहीं होगा, लेकिन शॉर्ट टर्म में कंपनी के शेयरों पर दबाव देखने को मिल सकता है।

ब्रोकिंग फर्म जेफरीज (Jefferies) के मुताबिक, ITC का ब्रांड काफी मजबूत है और FMCG बिजनेस में कंपनी की ग्रोथ की संभावनाएं काफी बेहतर हैं। लिहाजा, निवेशकों के लिए कंपनी के शेयरों में खरीदारी का यह बेहतर मौका है। ब्रोकरेज फर्म ने हाल में कंपनी के स्टॉक को ‘बाय’ से डाउनग्रेड कर होल्ड कर दिया है। BAT की योजना ITC में अपनी हिस्सेदारी को 29.03 पर्सेंट से घटाकर 25 पर्सेंट करने की है। कंपनी की 4 पर्सेंट हिस्सेदारी का मतलब 50 करोड़ शेयर है और मौजूदा मार्केट प्राइस के हिसाब से इसकी कीमत 20,000 करोड़ रुपये बैठती है।

इतने बड़े स्तर पर शेयरों की उपलब्धता का यह भी मतलब है कि संभावित निवेशकों को इसे ओपन मार्केट से खरीदने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इसमें कीमतें बढ़ने का जोखिम होता है। स्टेक सेल के बाद सिस्टम में फ्लोटिंग स्टॉक में बढ़ोतरी होगी। दरअसल, कुछ नए निवेशक प्रॉफिट पर चोट पहुंचने की स्थिति में पहला मौका पाते ही शेयरों की बिक्री करना चाहेंगे।

BAT की रणनीति

ब्रिटिश अमेरिकन टोबैको ने स्टेक सेल में मदद के लिए बैंक ऑफ अमेरिका (Bank of America) और सिटी (Citi) को नियुक्त किया है। इस हिस्सेदारी को बेचने में सबसे बड़ी चुनौती रेगुलेटरी बाधाएं हैं। दरअसल, रिजर्व बैंक (RBI) ने टोबैको फर्मों में विदेशी ओनरशिप को लेकर कुछ पाबंदियां लगा रखी हैं, जिससे इन शेयरों को खरीदारी के लिए सीमाएं तय की गई हैं।

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