Interim Budget में कुछ भी नया नहीं; एनर्जी, पावर, PSUs, मेटल, सीमेंट सेक्टर पर हमारा फोकस- संदीप टंडन, Quant’s ग्रुप

Interim Budget में कुछ भी नया नहीं; एनर्जी, पावर, PSUs, मेटल, सीमेंट सेक्टर पर हमारा फोकस- संदीप टंडन, Quant’s ग्रुप

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Budget 2024- Quant Group के संस्थापक संदीप टंडन का कहना है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा घोषित अंतरिम बजट में कुछ भी नया सामने नहीं आया है। “पारंपरिक थीम जारी रहेगी। बिजली, पीएसयू बैंक और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की थीम जारी रहेगी। दरअसल, पूरे साल नीतियों की लगातार घोषणा के कारण बजट ने अपनी प्रासंगिकता खो दी है।” पीएसयू बैंक शेयरों पर उन्होंने कहा कि इन शेयरों ने सुस्त बाजार में स्मार्ट रैली दर्ज की, “हम बैंकों पर अधिक रचनात्मक हैं।” Quant Group के संस्थापक संदीप टंडन ने मनीकंट्रोल के साथ एक इंटरव्यू में ये बाते कही हैं।

अंतरिम बजट के बाद पीएसयू बैंक इंडेक्स में करीब 3 प्रतिशत की तेजी आई। इसका एक कारण सरकार द्वारा बजट में पीएसयू पर कोई बोझ नहीं डालना भी है। पंजाब एंड सिंध बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, इंडियन बैंक, यूको बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Punjab & Sind Bank, Indian Overseas Bank, Indian Bank, UCO Bank, Bank of India, Punjab National Bank, Canara Bank and Union Bank ) में 3-5 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली।

उनका मानना ​​है कि वैश्विक स्तर पर बॉन्ड यील्ड को चुना गया। जो वास्तव में गिरावट के दौर में है। “हम साल भर में 6.7-6.75 प्रतिशत यील्ड की उम्मीद कर सकते हैं।”

उनका कहना है कि आगे चलकर, पीएसयू बैंकों या निजी बैंकों की तुलना में एनबीएफसी सेक्टर (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों) में पैसा कमाना बहुत मुश्किल है।

ग्रीन एनर्जी सेक्टर मध्यम से लंबी अवधि की थीम

ग्रीन एनर्जी सेक्टर में जहां सरकार आने वाले वर्षों में क्लीन एनर्जी की ओर बढ़ने के लिए अपना फोकस बढ़ा रही है। फाइनेंशियल सर्विस इंडस्ट्री में 23 वर्षों से अधिक के अनुभव वाले संदीप का कहना है कि यह मध्यम से लंबी अवधि के लिए एक थीम है। “हमें इस क्षेत्र में बहुत सी कंपनियां नहीं मिल सकती हैं। इसके अलावा, हमें इस सेक्टर में अधिक धैर्य रखना होगा क्योंकि यह लॉन्ग टर्म प्रकृति का सेक्टर है। इसमें आम तौर पर 6-7 साल का टाइम साइकल होता है। इसके परिणाम 2028- 2032 में दिखाई देंगे।”

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सीमेंट, हुडको आदि जैसे सेक्टर्स से संबंधित प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि छोटे शेयर बहुत महंगे हैं। टंडन ने कहा, “हम मैन्युफैक्चरिंग, मेटल या इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बड़ी कंपनियों में निवेश कर रहे हैं, छोटी कंपनियों में नहीं।”

रेलवे क्षेत्र में, उनका मानना ​​है कि कुछ रेलवे स्टॉक अच्छे दिखते हैं, लेकिन, “हमने अधिकांश रेलवे शेयरों में तेजी देखी है। पिछले डेढ़ साल में इन शेयरों में कई गुना रिटर्न देखा है।” हमें उम्मीद नहीं है कि इन शेयरों पर अधिक रिस्पॉन्स नहीं दिखेगा क्योंकि ज्यादातर नई चीजों को पहले से ही पचा लिया गया है।’

PSU पर हमारा रचनात्मक नजरिया

इससे संबधित दांव लगाने के लिए स्टॉक या थीम पर, संदीप ने कहा कहा, “बड़े सार्वजनिक उपक्रम में हमें डीप वैल्यू दिखाई देता है। हम सार्वजनिक उपक्रमों को लेकर बहुत ज्यादा रचनात्मक हैं। हालांकि इस सेक्टर से हम केवल बड़े स्टॉक्स में निवेश करते हैं छोटे स्टॉक्स में नहीं।”

“हम सीमेंट में भी वैल्यू नजर आता है। यहां तक ​​कि कीमती मेटल्स, बेस मेटल्स, फेरस और नॉन फेरस से जुड़े शेयरों में भी वैल्यू दिखता है। इसलिए सीमेंट, पीएसयू और कुछ हद तक कंस्ट्रक्शन और EPC कंपनियां भी हमें अच्छी लगती हैं। कैपिटल गुड्स सेक्टर के शेयर निकट अवधि में पीक पर हो सकते हैं। लेकिन लॉन्ग टर्म नजरिये से अच्छे लग रहे हैं। इसलिए, मैं एक थीम के रूप में ऊर्जा, बिजली, पीएसयू, मेटल और सीमेंट पर फोकस रखूंगा। ये बड़ी थीम्स हैं जिन पर मैं टिके रहना चाहूंगा। ” ऐसा संदीप कहते हैं।

(डिस्क्लेमरः Moneycontrol.com पर दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह निवेश विशेषज्ञों के अपने निजी विचार और राय होते हैं। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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