HDFC Bank share price : बड़ी गिरावट के बाद संभाला HDFC बैंक का शेयर, CLSA से मिले सपोर्ट ने भरा दम

HDFC Bank share price : बड़ी गिरावट के बाद संभाला HDFC बैंक का शेयर, CLSA से मिले सपोर्ट ने भरा दम

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HDFC Bank share price : तीसरी तिमाही के खराब प्रदर्शन के कारण 11 प्रतिशत की गिरावट के बाद एचडीएफसी बैंक में 19 जनवरी के शुरुआती कारोबारी में दो दिन की गिरावट के रुझान थमता दिखा। आज के शुरुआती कारोबार में ये स्टॉक 1 फीसदी से अधिक की बढ़त के साथ 1,504 रुपये पर कारोबार करता दिखा। फिलहाल यह स्टॉक 0.60 अंक यानी 0.04 फीसदी की बढ़त के साथ 1487 रुपए के आसपास दिख रहा हैं। आज का इसका दिन का हाई 1,757.50 रुपए और दिन का लो 1,460.25 रुपए है। स्टॉक का ट्रेडिंग वॉल्यूम 25,255,640 शेयर के आसपास दिख रहा है।

बता दें कि अपने एक सुबह के नोट में ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए ने भारत के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक पर 2,025 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ “buy” कॉल दी जो मौजूदा स्तरों से स्टॉक में 34 फीसदी की बढ़त की उम्मीद दिखा रहा है।

दिसंबर तिमाही के नतीजों में मार्जिन पर दबाव, सुस्त डिपॉजिट ग्रोथ और प्रति शेयर कम आय (ईपीएस) के कारण निवेशकों ने एचडीएफसी बैंक से किनारा कर लिया। इस गिरावट का असर बैंक निफ्टी पर भी पड़ा। इसमें दो दिनों में 5 प्रतिशत की गिरावट आई। बता दें कि 12 शेयरों वाले इंडेक्स बैंक निफ्टी में HDFC बैंक का वेटेज लगभग 40 फीसदी है।

CLSA के विश्लेषकों का कहना कि उन्होंने एचडीएफसी बैंक के तीसरी तिमाही के नतीजों के बाद 20 से ज्यादा ग्राहकों से बातचीत की और पाया कि उसके घरेलू ग्राहक बैंक के प्रदर्शन से नाखुश हैं। हालांकि, कई विदेशी निवेशकों ने कहा कि वे एचडीएफसी बैंक के लिए “ईपीएस कटौती” अपने साइकिल के अंत के करीब है।

बता दें कि तीसरी तिमाही में HDFC बैंक की प्रति शेयर आय तिमाही आधार पर 4 फीसदी गिरकर 21.1 रुपये रही है। ये पिछली तिमाही में 22 रुपये थी। CLSA ने कहा, “एचडीएफसी बैंक के लिए कुछ प्रमुख चिंताएं अनुमान से धीमी डिपॉजिट ग्रोथ और मार्जिन में संकुचन को लेकर हैं। लेकिन कुछ ग्राहकों का मानना है कि डिपॉजिट ग्रोथ में कमी एक व्यापक समस्या है और यह अकेले एचडीएफसी बैंक की आंतरिक समस्या नहीं है।” कहा।

तीसरी तिमाही में एचडीएफसी बैंक का मुनाफा उम्मीद से कम रहा है। वहीं, फंड की उच्च लागत या उधार लेने की लागत के कारण मार्जिन 3.4 प्रतिशत पर स्थिर रही है।

मजबूत क्रेडिट ग्रोथ की तुलना में बैंक की सुस्त डिपॉजिट ग्रोथ एक बड़ी चिंता की बात रही है। इससे बैंक का लोन-टू-डिपॉजिट रेशियो (एलडीआर) तिमाही आधार पर 107 प्रतिशत से बढ़कर 110 प्रतिशत पर आ गया है। ये बैंक के खराब फाइनेंशियल हेल्थ का संकेत है। बैंक को आपात कालीन स्थितियों के लिए बफर जुटाने के लिए डिपॉजिट बढ़ाने की जरूरत है।

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