Daily Voice: मोतीलाल ओसवाल AMC के फंड मैनेजर ने कहा- प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर लॉन्ग टर्म निवेश के लिए बेहतर

Daily Voice: मोतीलाल ओसवाल AMC के फंड मैनेजर ने कहा- प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर लॉन्ग टर्म निवेश के लिए बेहतर

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प्राइवेट बैंकों के बारे में बात करते हुए मोतीलाल ओसवाल एसेट मैनेजमेंट कंपनी के फंड मैनेजर संतोष सिंह (Santosh Singh, Fund Manager at Motilal Oswal Asset Management Company) ने कहा “अगर कोई बहुत छोटी अवधि से आगे देखने के लिए तैयार है तो भारत में कुछ हाई क्वालिटी वाले बैंक हैं जो अपने तकनीकी एडवांटेज के कारण बाजार हिस्सेदारी हासिल करते रहेंगे। इसलिए प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर लंबी अवधि के नजरिए से एक बेहतरीन सेक्टर है। मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में संतोष सिंह ने ऐसा कहा। इक्विटी रिसर्च और स्ट्रैटेजी में 20 से अधिक वर्षों के अनुभव वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट का मानना ​​है कि बाजार में वर्तमान में कोई राजनीतिक अस्थिरता नहीं है। इस मोर्चे पर कोई भी खबर बाजार को अस्थिर कर सकती है।

उन्होंने आगे कहा “मुझे घरेलू बाजार से बहुत अधिक सकारात्मक ट्रिगर नहीं दिख रहे हैं। हालांकि अगर अमेरिका दरों में कटौती पर आश्चर्यचकित करता है तो बाजार में कुछ और गिरावट देखने को मिल सकती है।”

क्या आपको लगता है कि प्राइवेट बैंक इस समय कोई बड़ा रिस्क रिवार्ड नहीं दे रहे हैं?

सिंह ने कहा कि पिछले वर्ष के दौरान, प्राइवेट बैंकों, विशेष रूप से बड़े बैंकों ने निफ्टी के साथ-साथ सरकारी बैंकों के मुकाबले काफी कमजोर प्रदर्शन किया है। यह खराब प्रदर्शन ए) NIM (शुद्ध ब्याज मार्जिन) दबाव बी) धीमी डिपॉजिट ग्रोथ और सी) बैंकिंग सेक्टर से अधिक उम्मीदों के कारण हुआ है। बैंकिंग सेक्टर के लिए 2020-2022 असाधारण साल थे।

रेपो रेट में कटौती की उम्मीदों और लिक्विडिटी की कमी को देखते हुए NIM कुछ समय तक दबाव में रह सकता है। निकट अवधि शेयरों के लिए थोड़ी मुश्किल हो सकती है। हालांकि, यदि कोई शॉर्ट टर्म से आगे देखने को तैयार है, तो भारत में कुछ हाई क्वालिटी वाले बैंक है। ये बैंक अपने तकनीकी एडवांटेड को देखते हुए बाजार हिस्सेदारी हासिल करते रहेंगे। इसलिए लॉन्ग टर्म के नजरिये से यह एक बेहतरीन सेक्टर है।

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क्या आपको लगता है कि आईटी क्षेत्र का सबसे बुरा दौर बीत चुका है और किसी को इन शेयरों को लेना शुरू कर देना चाहिए?

पिछले कुछ समय से आईटी क्षेत्र के शेयरों का प्रदर्शन अमेरिकी अर्थव्यवस्था के आउटलुक से प्रेरित रहा है। जब बाजार को उम्मीद थी कि अमेरिका खराब प्रदर्शन करेगा और ब्याज दरें ऊपर की ओर थीं, तो आईटी सेक्टर खराब प्रदर्शन करता रहा। हालांकि, मेरा मानना ​​​​है कि यह बहुत अधिक लॉन्ग टर्म वाले सेक्टर्स में से एक है। इसकी वजह ये है कि आईटी कंपनियां वैश्विक स्तर पर डिजिटलाजेशन को बढ़ाने में महत्वपूर्ण होंगी। इसलिए लॉन्गटर्म के लिए यह सेक्टर आकर्षक बना हुआ है।

निकट अवधि में, यह धारणा है कि अमेरिकी ब्याज दरें चरम पर हैं। हम अमेरिका में सॉफ्ट लैंडिंग देख सकते हैं। अमेरिका में भी दरों में कटौती की उम्मीदें हैं। इसके साथ ही आईटी सेक्टर की ग्रोथ का अनुमान कई वर्षों के निचले स्तर पर है।

इसलिए मुझे इस सेक्टर के खराब प्रदर्शन के बहुत अधिक कारण नहीं दिखते। फिर भी निवेशकों को सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि इस सेक्टर ने निकट अवधि में बड़े पैमाने पर बेहतर आउटपरफॉर्मेंस दिखाया है। इसलिए इन शेयरों को केवल लॉन्गटर्म के नजरिये से ही खरीदना चाहिए।

क्या आपको उम्मीद है कि चालू कैलेंडर वर्ष में बाजार सीमित दायरे में रहेगा? ऐसे कौन से पॉजिटिव और निगेटिव ट्रिगर हैं जो चालू वर्ष में बाजार के ट्रेंड को बदल सकते हैं?

यह देखते हुए कि बाजार लॉन्ग टर्म के आंकड़ों पर एवरेज और एक स्टैंडर्ड डेविएशन के बीच एक मल्टीपल पर कारोबार कर रहा है। बाजार का प्रदर्शन अर्निंग ग्रोथ से प्रेरित होगा।

उन्होंने कहा कि बाजार में फिलहाल कोई राजनीतिक अस्थिरता नहीं है। लेकिन इस मोर्चे पर कोई भी खबर बाजार को अस्थिर कर सकती है। इसके साथ ही, अब तक की सरकारी नीतियां कैपेक्स के पक्ष में हैं। बाजार इन नीतियों में निरंतरता की उम्मीद कर रहा है। यदि बजट इस पर काम करना जारी रखता है तो कोई निगेटिव ट्रिगर नहीं हो सकता है।

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मुझे घरेलू बाजार से कोई पॉजिटिव ट्रिगर नहीं दिख रहा है। फिर भी अगर अमेरिका दरों में कटौती पर आश्चर्यचकित फैसला करता है, तो बाजार में कुछ और गिरावट देखने को मिल सकती है।

क्या आपको अंतरिम बजट में, खासकर आम चुनाव से पहले, सरकार की ओर से कोई बड़ी घोषणा होती दिख रही है?

मुझे किसी बड़ी घोषणा की उम्मीद नहीं है क्योंकि अंतरिम बजट आम तौर पर वोट ऑन अकाउंट्स होता है। हालाँकि, मैं बजट में सरकार का इरादा देखना चाहूँगा।

क्या आपको लगता है कि फेड फंड दर में कटौती में देरी हो रही है, हालांकि पिछली बैठक में फेड अध्यक्ष ने चालू वर्ष में तीन दर कटौती का संकेत दिया था?

वर्तमान साइकल के दौरान, फेड ने नियमित रूप से बताया है कि वे फेड दर की कटौती का फैसला डेटा के अनुसार होगा। मेरा अब भी मानना ​​है कि चालू कैलेंडर वर्ष में हमें दरों में कटौती देखने को मिल सकती है। हालांकि, इसका समय और सीमा डेटा पर निर्भर होगी। मौजूदा मजबूत डेटा की वजह से कटौती में देरी हो सकती है।

(डिस्क्लेमरः Moneycontrol.com पर दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह निवेश विशेषज्ञों के अपने निजी विचार और राय होते हैं। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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