API बेस्ड एल्गोरिद्म ट्रेडिंग को रेगुलेट करना चाहता है SEBI, दो मॉडल किए प्रपोज

API बेस्ड एल्गोरिद्म ट्रेडिंग को रेगुलेट करना चाहता है SEBI, दो मॉडल किए प्रपोज

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मार्केट रेगुलेटर SEBI (Securities and Exchange Board of India) एपीआई बेस्ड एल्गोरिद्म ट्रेडिंग (API based algorithmic trading) को रेगुलेट करना चाहता है। इसके लिए सेबी ने कई मानदंडों के साथ दो मॉडल प्रपोज किए हैं। जाने-माने एल्गो ट्रेडर और स्ट्रैटेजी प्रोवाइडर धार्मिक ठक्कर उस समूह का हिस्सा थे, जिसने इन मानदंडों पर चर्चा के लिए सेबी के सीनियर मैनेजमेंट से मुलाकात की थी। सेबी चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशंस (MII) के रिप्रेजेंटेटिव्स, एल्गो प्रोवाइडर्स और स्टॉक ब्रोकर्स मौजूद रहे। मीटिंग में एल्गोरिद्म ट्रेडिंग को लेकर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।

एल्गोरिद्म ट्रेडिंग को ऑटोमेटेड ट्रेडिंग या API ट्रेडिंग भी कहा जाता है। यह ट्रेडर्स को API के माध्यम से एक्सचेंज के ट्रेडिंग इंजन के साथ कम्युनिकेट करके ट्रेड्स को ऑटोमेटिक तरीके से एग्जीक्यूट करने में सक्षम बनाती है। फाइनेंशियल मार्केट्स और ट्रेडिंग के क्षेत्र में, कोई भी रियल टाइम कोट्स और प्राइसिंग डेटा प्राप्त करने या इलेक्ट्रॉनिक ट्रेड करने के लिए, ऑटोमेटेड ट्रेडिंग एल्गोरिद्म के एक सेट और ट्रेडर के पसंदीदा ट्रेडिंग ब्रोकर प्लेटफॉर्म के बीच कनेक्शन स्थापित करने के लिए एपीआई का इस्तेमाल कर सकता है।

मार्च के अंत तक आ सकता सर्कुलर 

ठक्कर ने मनीकंट्रोल को बताया कि सेबी इसमें तेजी लाने और मार्च के अंत तक इस पर एक सर्कुलर जारी करने की योजना बना रहा है। पहले मॉडल के जरिए स्टॉक ब्रोकरों को अन्य प्लेटफॉर्म की तरह ही अपने एल्गो प्लेटफॉर्म के लिए मंजूरी लेनी होगी। ब्रोकरों को अपने एल्गो के लिए साइबर सुरक्षा और डेटा सुरक्षा सहित सभी जिम्मेदारी लेने की भी आवश्यकता होगी। दूसरे मॉडल के तहत, एल्गो प्लेटफार्म्स को रेगुलेट किया जाएगा और स्ट्रैटेजी प्रोवाइडर्स या तो सटीक रणनीति साझा कर सकते हैं जिसे एपीआई का इस्तेमाल करके एग्जीक्यूट किया जाएगा या वे परफॉरमेंस वैलिडेशन एजेंसी (पीवीए) की ओर से वेरिफाइड होने के बाद पिछली परफॉरमेंस को साझा कर सकते हैं।

जैसे ही सेबी एल्गो ट्रेडिंग पर नियमों को लागू करेगा, ऐसे सभी ओपन एपीआई जहां ब्रोकर को यह जानकारी नहीं है कि क्लाइंट द्वारा इसका इस्तेमाल कहां किया जा रहा है, उन्हें तत्काल आधार पर बंद कर दिया जाएगा। प्रस्तावित नियमों के तहत, ब्रोकर को हर समय ऑर्डर के स्रोत के बारे में पता होना चाहिए। अगर क्लाइंट को स्ट्रैटेजी के बारे में पूरी जानकारी है तो एल्गोरिद्म के एग्जीक्यूशन की अनुमति दी जाएगी। क्लाइंट को इस बात की पूरी जानकारी होनी चाहिए कि एल्गोस में वास्तव में क्या हो रहा है। कोई भी क्लाइंट बेहतर तरीके से समझ सके, इस​के लिए ऐसी जानकारी सरल अंग्रेजी में उपलब्ध होनी चाहिए।

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सेबी ने एनएसई को पीवीए के रूप में कार्य करने के लिए एक विशेष टीम बनाने का भी निर्देश दिया है। एनएसई ने एक समूह भी बनाया है जो किसी एल्गो स्ट्रैटेजी प्रोवाइडर के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए मानदंड और रणनीतियों पर सेबी को एक प्रस्ताव देगा।

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