2024 में कैसी होनी चाहिए शेयर बाजार में निवेश की रणनीति? जानें एक्सपर्ट्स की राय

2024 में कैसी होनी चाहिए शेयर बाजार में निवेश की रणनीति? जानें एक्सपर्ट्स की राय

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बीते साल निफ्टी (Nifty) और सेंसेक्स (Sensex) में 20 पर्सेंट की बढ़ोतरी के बाद नए साल यानी 2024 में शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 1 जनवरी को वोलैटिलिटी इंडेक्स VIX बढ़कर 14.5 हो गया, जो इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में शेयर बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर VIX लेवल ज्यादा है, तो बड़ी बिकवाली की संभावना रहेगी। हालांकि, जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज (Geojit Financial Services) के हेड विनोद नायर का कहना है कि लॉन्ग टर्म में बाजार की बेहतर परफॉर्मेंस बनी रहेगी।

बहरहाल, मनीकंट्रोल से बातचीत में एक्सपर्ट्स ने उन अहम जोखिमों के बारे में बताया, जिन पर 2024 में नजर रखने की जरूरत है। इसके तहत चुनाव और फूड इनफ्लेशन अहम फैक्टर हैं। इसके अलावा, निवेशकों को कुछ कंसॉलिडेशन के लिए भी तैयार रहना पड़ेगा। एंजलवन (AngelOne) के सीनियर एनालिस्ट, टेक्निकल एंड डेरिवेटिव रिसर्च ओशो कृष्णन (Osho Krishan) ने बताया, ‘ हम प्राइस करेक्शन के दौर में हैं और हालिया तेजी के बाद कई स्टॉक की कीमतों में बदलाव हो सकता है।’

मार्केट आउटलुक

ये सभी जोखिम भारतीय शेयर बाजार की परफॉर्मेंस पर असर डाल सकते हैं। हालांकि, घरेलू स्तर पर आर्थिक-राजनीतिक माहौल बेहतर रहने की संभावना की वजह से बाजार में बेहतर रिटर्न की संभावना बनी रहेगी। नायर ने बताया, ‘कैलेंडर ईयर 2024 में हमें बाजार में 10-12 पर्सेंट का रिटर्न हासिल होने की उम्मीद है। हम निवेशकों को इनवेस्टमेंट पैटर्न को डायवर्सिफाई करने की सलाह देते हैं।’ वाटरफील्ड एडवाइजर्स (Waterfield Advisors) के एक्सपर्ट केदार कदम का कहना है कि 2024 में भारत की आर्थिक परफॉर्मेंस बेहतर रहेगी। उनके मुताबिक, 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों की वजह से सब्सिडी और ट्रांसफर पेमेंट में बढ़ोतरी हो सकती है और इससे कंजम्प्शन ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा।

निवेशकों को किन चीजों पर फोकस करना चाहिए?

नायर ने बताया, ‘ हमें मिड और स्मॉल कैप के मुकाबले लार्ज कैप शेयरों पर ज्यादा भरोसा है। आम तौर पर इस साल स्टॉक और सेक्टर आधारित परफॉर्मेंस देखने को मिलेगी। हमें बैंक, मैन्युफैक्चरिंग, फार्मा, केमिकल और IT सेक्टरों से उम्मीद है।’ इसके अलावा, निवेशकों को कमजोर फंडामेंटल वाली कंपनियों के शेयरों में निवेश से बचना चाहिए, क्योंकि गिरावट के दौर में इन कंपनियों की हालत और खराब हो जाती है।

2014 के लिए क्या हो निवेश की रणनीति

आनंद राठी वेल्थ लिमिटेड (Anand Rathi Wealth Limited) के एसोसिएट डायरेक्टर चिराग मुनि ने बताया कि निवेशकों को एसेट एलोकेशन पर टिके रहना चाहिए। उन्होंने मनीकंट्रोल (Moneycontrol) को बताया, ‘ जोखिम और समयसीमा को ध्यान में रखते हुए निवेशकों को 50 से 70 पर्सेंट इक्विटी में रखना चाहिए, जबकि बाकी रकम डेट में निवेश करना चाहिए।’ इसके अलावा निवेशकों को बाजार के गिरावट से डरे बिना SIP में निवेश जारी रखना चाहिए।

बाजार के लिए कौन-कौन से जोखिम हैं

प्रीमियम वैल्यूएशन, ऊंची महंगाई दर, ब्याज दरों में सीमित कटौती संभावना के साथ-साथ भूराजनीतिक जोखिम बाजार की परफॉर्मेंस पर बुरा असर डाल सकते हैं। बॉन्ड यील्ड में बदलाव से भी बाजार प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा, स्लोडाउन, करेंसी में उतार-चढ़ाव, आगामी चुनाव, ऑयल की कीमतें आदि चीजें भी बाजार की चाल तय कर सकती हैं।

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