सुप्रीम कोर्ट ने कार्वी ब्रोकिंग केस में SAT के ऑर्डर पर रोक लगाई, NSE और NSDL की याचिकाओं पर 29 जनवरी को सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने कार्वी ब्रोकिंग केस में SAT के ऑर्डर पर रोक लगाई, NSE और NSDL की याचिकाओं पर 29 जनवरी को सुनवाई

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सुप्रीम कोर्ट ने सिक्योरिटीज अपीलेट ट्राइब्यूनल (SAT) के उस ऑर्डर पर रोक लगा दी है, जिसमें सेबी को निर्देश दिया गया था कि वह कार्वी स्टोक ब्रोकिंग द्वारा गिरवी रखे गए शेयरों को ब्रोकरेज फर्म के लेंडर्स को लौटने का आदेश जारी करे। SAT ने इस मामले में लेंडर्स को 10 पर्सेंट सालाना ब्याज के साथ सिक्योरिटीज की वैल्यू का आकलन करने के लिए मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) को निर्देश जारी किया था। SAT का यह निर्देश सेबी के अलावा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE)और नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के लिए भी था।

सुप्रीम कोर्ट ने जहां 25 जनवरी को इस मामले में सेबी को राहत दी, वहीं अंतरिम राहत की मांग करने वाली NSE और NSDL की याचिकाओं पर सुनवाई के लिए 29 जनवरी की तारीख तय की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ’20 दिसंबर 2023 को SAT द्वारा सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) को दिए गए ऑर्डर पर रोक लगाई गई है।’

अदालत ने सेबी, NSE और NSDL द्वारा दायर याचिकाओं को स्वीकार करते हुए एक्सिस बैंक के पास गिरवी रखे गए शेयरों को लेकर यथास्थिति जारी रहने का निर्देश दिया। इस मामले की अंतिम सुनवाई अप्रैल 2024 में होगी।

SAT ने 20 दिसंबर 2023 को सेबी, NSE और NSDL को निर्देश जारी कर कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग द्वारा गिरवी रखे गए शेयरों को ब्रोकरेज फर्म के लेंडर्स को लौटाने का निर्देश दिया था। आदेश में कहा गया था कि सिक्योरिटीज की वैल्यू में 10 पर्सेंट सालाना ब्याज भी जोड़ा जाना चाहिए। कार्वी के लेंडर्स (लेनदार) में एक्सिस बैंक (Axis Bank), ICICI बैंक, बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance), HDFC बैंक और इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) भी शामिल हैं।

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