सुजलॉन के शेयरों ने दगा नहीं दिया! 2019 के अंतरिम बजट से अब तक दिया 921% का दमदार रिटर्न

सुजलॉन के शेयरों ने दगा नहीं दिया! 2019 के अंतरिम बजट से अब तक दिया 921% का दमदार रिटर्न

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Suzlon Share Price: क्या आपके पास भी सुजलॉन के शेयर हैं और आपने अब तक इनपर भरोसा बनाकर रखा होगा तो आप ये कह सकते हैं कि सुजलॉन के शेयरों ने दगा नहीं दिया है। 2019 के आम चुनाव से पहले 1 फरवरी को सुजलॉन के शेयर 4.50 पैसे पर बंद हुए थे। और अब 5 साल बाद बजट से एक दिन पहले इसके शेयर अपर सर्किट के साथ बंद होने में कामयाब हुए हैं। यानि इन 5 साल में सुजलॉन मल्टीबैगर बन गया और 921 फीसदी का रिटर्न दिया है।

बजट से एक दिन पहले सुजलॉन के शेयर करीब 5 पर्सेंट बढ़कर 45.59 रुपए पर बंद हुए। अब सवाल ये उठता है कि आखिरी निवेशकों के इस बुलिश मोमेंटम की वजह क्या है। क्या बजट से एक दिन पहले शेयरों में आई ये तेजी इस बात का इशारा है कि सरकार ग्रीन एनर्जी के मोर्चे पर कुछ बड़े फैसले कर सकती है।

Budget 2024 में इस सेक्टर्स को क्या मिलेगा?

अब 1 फरवरी को बजट में ग्रीन एनर्जी या रिन्युएबल एनर्जी सेक्टर को क्या मिलेगा ये तो जल्दी ही पता चलेगा लेकिन उसके पहले ये जानना जरूरी है कि कंपनी के लिए फिलहाल क्या-क्या गुड न्यूज है।

तो पहली अच्छी खबर ये है कि सुजलॉन एनर्जी को एवरेन कंपनी ABC क्लीनटेक प्राइवेट लिमिटेड यानि ACPL से 642 मेगावट विंड एनर्जी का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। एवरेन एक जेवी है जिसमें ब्रुकफील्ड और एक्सिस एनर्जी की हिस्सेदारी है।

इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत सुजलॉन को आंध्र प्रदेश में हाइब्रिड लैटिस ट्यूबलर (HLT) टावर और 214 विंड टरबाइन जेनरेटर (WTG) बनाना है। इस ठेके के बाद सूजलॉन ग्रुप के वाइस चेयरमैन गिरीश तांती ने अपनी कपंनी के बारे में जो कहा है उससे कंपनी पर निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है। उन्होंने कहा ग्रीन एनर्जी को नए मुकाम पर ले जाने के लिए वह पूरी तरह कमिटेड हैं। और एवरेन के साथ हुई डील से हम इस रास्ते को आसानी से तय कर सकते हैं।

बजट से पहले नतीजों का साथ

इसके साथ ही 31 जनवरी को सूजलॉन ने दिसंबर तिमाही में शानदार नतीजे जारी किए हैं। अक्टूबर 2023 से लेकर दिसंबर 2023 के बीच कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 160 फीसदी बढ़कर 203.04 करोड़ रुपए पहुंच गया। कंपनी ने रेग रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार पिछले साल की समान तिमाही में उसे 78.28 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था।

अगर इसके शेयरों की बात करें तो सुजलॉन एनर्जी के शएयर पिछले एक महीने में करीब 20 फीसदी तक चढ़ गए है। वहीं एक साल में इसके शेयरों ने 405 फीसदी का रिटर्न दिया है।

सुजलॉन के लिए तीसरी अच्छी बात वो ये है कि इस साल बजट में सरकार कुछ अच्छी खबर दे सकती है। ऑयल एंड गैस सेक्टर को उम्मीद है कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण अंतरिम बजट में ग्रीन और सस्टेनेबल एनर्जी सेक्टर के लिए आवंटन बढ़ाएंगी। सरकारी ऑयल कंपनियां नेट जीरो टारगेट पर फोकस कर रही हैं। वे रिन्यूएबल एनर्जी के स्रोतों में निवेश बढ़ा रही हैं। वित्तमंत्री ने पिछले साल बजट में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के एनर्जी ट्रांजिशन के लिए 30,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया था। लेकिन, अब तक ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को यह पैसा नहीं मिला है।

क्या है पावर सेक्टर्स की उम्मीद?

पावर सेक्टर को उम्मीद है कि इस बार सरकार रिन्यूएबल एनर्जी के स्रोतों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने वाले उपायों का ऐलान करेगी। वहीं एनालिस्ट्स का भी मानना है कि सरकार को रिन्यूएबल एनर्जी पर पूंजीगत खर्च बढ़ाना होगा। इससे एक तरफ रोजगार के मौके बढ़ेंगे तो दूसरी तरफ विंड और सोलर एनर्जी सेक्टर में डायवर्सिफिकेशन आएगा। 1 फरवरी को पेश बजट में सरकार टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, देश में टेक्नोलॉजी को विकसित करने पर फोकस बढ़ा सकती है। विदेशी मुद्रा की बचत के लिए लोकल मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने वाली पहल का ऐलान हो सकता है। इसके अलावा जीएसटी रेट्स में कमी के साथ मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने के लिए इनसेंटिव का ऐलान किया जा सकता है। अगर ये सब होता है कि सुजलॉन पर भरोसा करने वाले निवेशक कह सकते हैं कि शेयर ने वक्त लिया लेकिन धोखा नहीं दिया। सुजलॉन कई मुश्किल दौर से गुजरा है। ऐसे में आप हमें कॉमेंट करके बता सकते हैं कि लंबे समय से इस पर भरोसा बनाकर रखना कितना मुश्किल था।

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