सरकारी हिस्सेदारी बढ़ने के बाद इन PSU कंपनियों को लगे पंख, एक्सपर्ट्स से जानिए आगे कितना बाकी हैं इनमें दम

सरकारी हिस्सेदारी बढ़ने के बाद इन PSU कंपनियों को लगे पंख, एक्सपर्ट्स से जानिए आगे कितना बाकी हैं इनमें दम

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PSU Company:  बाजार में इन दिनों सिर्फ और सिर्फ सरकारी कंपनियों का बोलबाला है। इस तेजी में सरकारी कंपनियों की हिस्सेदारी की कीमत 2.4 लाख करोड़ के पार निकल गई है।   सरकारी कंपनियों में धुआधार तेजी के बाद इन पीएसयू कंपनियों में सरकार की अतिरिक्त हिस्सेदारी  मौजूदा भाव से लगभग 2.5 करोड़ रुपये के पार हो गई है। ऐसे में 19 ऐसी कंपनियां है जिसमें सरकार की हिस्सेदारी 75 फीसदी से ज्यादा है। इन 19 कंपनियों में से भी 9 ऐसी कंपनियां है जिसमें सरकार की हिस्सेदारी 90 फीसदी से ज्यादा है जबकि 5 ऐसी कंपनियां है जिसमें  सरकार की हिस्सेदारी 85-90 फीसदी के बीच है। वहीं 5 कंपनियां ऐसी है जिसमें सरकार की हिस्सेदारी 75-80 फीसदी के बीच है।

बतातें चलें कि LIC में सरकार की अतिरिक्त हिस्सेदारी 21.5 फीसदी ज्यादा है जिसके चलते इसकी मौजूदा कीमत 1.19 लाख करोड़ रुपये का है। वहीं IRFC में सरकार की 11.36 फीसदी हिस्सेदारी अतिरिक्त है जिसके चलते इसकी मौजूदा कीमत 22,437 करोड़ रुपये है। IOB में सरकार की अतिरिक्त हिस्सेदारी 21.38 फीसदी, IDBI Bank में 19.71 फीसदी और UCO Bank में 20.39 फीसदी अतिरिक्त हिस्सेदारी है।

IRFC में हाल फिलहाल में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली है। 12 महीने के रिटर्न पर नजर डालें तो IRFC के शेयर ने 12 महीनों में 350 फीसदी का दमदार रिटर्न दिया है । शेयर अपने आईपीओ प्राइस से करीब 7 गुना की तेजी दिखा चुका है। वहीं मझगांव डॉक ने 12 महीने में 205 फीसदी, Hudco ने 240 फीसदी और GIC ने 116 फीसदी का रिटर्न दिया है।

IRFC को रडार पर रखना इसलिए भी जरुरी है कि क्योंकि 29 जनवरी को कंपनी का लॉक इन पीरिएड खत्म होने वाला है। बता दें कि यह वह तारीख है जब IRFC को शेयर मार्केट में लिस्ट हुए 3 साल पूरे हो जाएंगे। इसके साथ IRFC के 261 करोड़ से अधिक शेयर या उसकी बकाया इक्विटी का 20% ट्रेडिंग के लिए पात्र हो जाएंगे। गौरतलब है कि 2023 सरकारी कंपनियों के नाम तो था ही लेकिन 2024 की शुरुआत भी पीएसयू कंपनियों के नाम होती नजर आ रही है।

William O’Neill India के मयूरेश जोशी ने कहा, “रेलवे स्टॉक बुलेट ट्रेन की स्पीड से आगे बढ़ रहे हैं। मुझे लगता है कि स्ट्रक्चरल स्टोरी शायद जारी रहेगी। अच्छी ऑर्डर बुक से उन्हें अगले 4-5 सालों में रेवेन्यू विजिबिलिटी मिल रही है और पिछली कुछ तिमाहियों में एग्जीक्यूशन शानदार रहा है। उन्होंने कहा, हम IRFC, RVNL, Railtel जैसे कुछ शेयरों को अपने पोर्टफोलियो में शामिल करना जारी रख रहे हैं। हालांकि नए निवेशकों को गिरावट का इंतजार करना चाहिए क्योंकि वे कुछ ज्यादा ही ऊपर चढ़ गए हैं।

Centrum Broking के नीलेश जैन का कहना है कि NHPC का शेयर उन्हें पसंद आ रहा है। स्टॉक में कमजोरी नजर नहीं आ रही है। स्टॉक में अच्छी वॉल्यूम देखने को मिल रहा है। लिहाजा मौजूदा निवेशक 77 रुपये के स्टॉपलॉस के अपनी पोजिशन को होल्ड करें। इसमें मौजूदा स्तर से 89-90 रुपये का लक्ष्य हासिल हो सकता है।

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