भारी कमाई का वादा करने वाले एल्गो सेलर्स पर अंकुश लगा सकता है SEBI, जानिए क्या है पूरा मामला

भारी कमाई का वादा करने वाले एल्गो सेलर्स पर अंकुश लगा सकता है SEBI, जानिए क्या है पूरा मामला

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SEBI उन एल्गो सेलर्स पर अंकुश लगाने की कोशिश कर रहा है, जो छोटे निवेशकों से बहुत ज्यादा रिटर्न का वादा करते हैं। मार्केट रेगुलेटर एपीआई-आधारित एल्गोरिद्मिक ट्रेडिंग को रेगुलेट करना चाहता है। इस मामले से जुड़े एक सूत्र ने यह जानकारी दी। उसने बताया कि इस बात की ज्यादा संभावना है कि सेबी उन रिटेल ट्रेडर्स के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाएगा, जो दूसरों को एल्गो नहीं बेचते हैं।

एल्गो ट्रेडिंग को रेगुलेट करने का प्लान

11 फरवरी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए यह बताया गया था कि सेबी एपीआई-आधारित एल्गो ट्रेडिंग को रेगुलेट करने पर विचार कर रहा है। इसमें यह बताया गया कि रेगुलेटर एल्गो सर्विस प्रोवाइडर्स को रिटेल ट्रेडर्स को अपने प्रोडक्ट्स बेचने की इजाजत देने से पहले एग्जाम पास करने को कह सकता है। साथ ही उनके प्रदर्शन की जांच एक एजेंसी से कराई जा सकती है। ऐसी एक एजेंसी बनाने का प्रस्ताव है।

प्रदर्शन की जांच के लिए बनेगी नई एजेंसी

सेबी ने अगस्त 2023 में प्रदर्शन की जांच के लिए एक एजेंसी बनाने का प्रस्ताव पेश किया था। इसका काम सेबी-रजिस्टर्ड संस्थाओं के दावों की जांच करना होगा। सेबी एल्गो सेलर्स को ब्रोकरेज के जरिए क्लाइंट्स को सेवाएं देने के लिए कह सकता है। इससे ब्रोकरेज फर्मों को एल्गो सर्विस देने के लिए एप्रूवल लेना होगा। इससे इसकी जिम्मेदारी उन पर आएगी। वे सर्विस डिलीवरी के लिए भी जिम्मेदार होंगे।

एल्गो सेलर्स रेगुलेशन से चिंतित

इस खबर के आने के बाद एल्गो ट्रेडर्स में चिंता देखने को मिली थी। उन्हें डर था कि इससे उनके लिए ऑप्शंस घट जाएंगे। उन्हें इस बात की भी चिंता थी कि ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी और उसकी कोडिंग की नॉलेज होने के बावजूद उन्हें इसका फायदा उठाने के लिए एक तीसरी पार्टी से संपर्क करना होगा। लेकिन, सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सेबी रिटेल ट्रेडर्स को अपनी स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल करने से नहीं रोकेगा बल्कि उसकी कोशिश उन रिटेल ट्रेडर्स के हितों की सुरक्षा करनी होगी जिन्हें एल्गो ट्रेडर्स बड़े वादे करते हैं।

सिर्फ एल्गो सेलर्स को रेगुलेट करने की योजना

सूत्र ने मनीकंट्रोल को बताया, “अगर आप अपनी ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल खुद के लिए कर रहे हैं और इसे बेच नहीं रहे हैं तो इस बात की बहुत ज्यादा उम्मीद है कि इससे सेबी को किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी।” उन्होंने कहा कि प्रॉब्लम ऐसे एल्गो स्ट्रेटेजी बेचने वालों से है, जो टेलीग्राम या ट्विटर या किसी दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह दावा करते हैं कि उनकी स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल कर रिटेल ट्रेडर्स काफी पैसा कमा सकते हैं।

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