बाजार में लौटी तेजी, एनर्जी शेयरों से मिल रहा सपोर्ट, गिरावट पर खरीदारी की मिल रही सलाह

बाजार में लौटी तेजी, एनर्जी शेयरों से मिल रहा सपोर्ट, गिरावट पर खरीदारी की मिल रही सलाह

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भारतीय इक्विटी बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी 20 जनवरी की सुबह के कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। बाजार को आज बैंकिंग और एनर्जी सेक्टर के शेयरों से सपोर्ट मिल रहा है। एनालिस्ट्स का कहना है कि तीसरी तिमाही के नतीजों के साथ-साथ, बैंक ऑफ जापान और यूरोपीय सेंट्रल बैंक के दरों पर लिए गए निर्णय और अमेरिकी जीडीपी डेटा से बाजार को गति मिलने की उम्मीद है।

सुबह 10.45 बजे के आसपास सेंसेक्स 130 अंक या 0.17 प्रतिशत की तेजी के साथ 71,812 पर और निफ्टी 50 अंक या 0.22 प्रतिशत की बढ़त के साथ 21,670 पर दिख रहा था। लगभग 1,970 शेयरों में तेजी आई थी। 916 शेयरों में गिरावट आई और 78 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ था। ब्रॉडर मार्केट बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन कर रहे थे। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.64 फीसदी और 0.54 फीसदी तेजी दिखा रहे थे।

निफ्टी एफएमसीजी और आईटी को छोड़कर, सभी निफ्टी सेक्टोरल इंडेक्स बढ़त पर कारोबार कर रहे थे, जिसमें बैंकिंग और एनर्जी शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त देखने को मिल रही थी। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार का कहना है बाजार में हालिया करेक्शन ने बाजार में निहित तेजी के रुझान को नहीं बदला है। एफआईआई की बिकवाली की भरपाई निरंतर हो रही डीआईआई और खुदरा खरीदारी से हो रही है। अर्थव्यवस्था की मजबूती बाजार को बुनियादी सपोर्ट प्रदान कर रही है।

उन्होंने आगे कहा कि विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली इतनी ज्यादा नहीं है कि बाजार में भारी गिरावट आ सके। अब बाजार पर एफआईआई की पकड़ पहले जैसी नहीं रह गई है। विजयकुमार ने आगे कहा कि यह बदलाव निवेशकों के लिए गुणवत्ता वाले ऐसे स्टॉक खरीदने का एक मौका है जो एफआईआई की बिकवाली के कारण शॉर्ट टर्म दबाव में आते हैं।

उन्होंने कहा कि निवेशकों को अच्छा प्रदर्शन करने वाले सेक्टरों के अच्छी गुणवत्ता वाले स्टॉक खरीदने की जरूरत है। ध्याम रहे कि इस समय ब्रॉडर मार्केट में कई कमजोर स्टॉक सिर्फ उम्मीदों के पंख ऊंची उड़ान भर रहे हैं। इनसे बचने की सलाह होगी। कई मिड और स्मॉल-कैप शेयर काफी झागदार हो गए। इन शेयरों में कभी भी बड़ा करेक्शन आ सकता है।

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टेक्निकल व्यू

निफ्टी ने अपने शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेज फिर से प्राप्त कर लिया है लेकिन इसमें मजबूती का अभाव है। रेलिगेयर ब्रोकिंग के एसवीपी-टेक्निकल रिसर्च अजीत मिश्रा का कहना है कि बैंकिंग के मौजूदा खराब प्रदर्शन को देखते हुए बाजार में सतर्क रहने की सलाह है। 21,700-21,850 जोन का जोन निफ्टी के लिए रजिस्टेंस के तौर पर काम कर सकता है। ट्रेडर्स को स्टॉक-विशेष रणनीति जारी रखना चाहिए और हेज्ड ट्रेडों को प्राथमिकता देनी चाहिए।

चॉइस ब्रोकिंग के रिसर्च एनालिस्ट मंदार भोजने का कहना है कि डेली चार्ट से पता चलता है कि बैंक निफ्टी 20,50 और 100-डे एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (ईएमए) से नीचे कारोबार कर रहा है, जो बाजार में मंदी के दबाव का संकेत है। इसे 45,500 पर सपोर्ट हासिल है, जो कुछ हद तक प्राइस स्टेबिलिटी का संकेत देता है।

भोजने ने आगे कहा कि ये देखना होगा कि क्या बैंक निफ्टी 46,400 के स्तर को पार करने में सफल होगा। अगर ऐसा होता है, तो यह आने वाले दिनों में बैंक निफ्टी 47,200 अंक तक जाता दिख सकता है। वहीं, नीचे की तरफ इसके लिए 45,400 पर तत्काल सपोर्ट दिख रहा है। इसके बाद अगला बड़ा सपोर्ट 45,000 पर है। अगर ये सपोर्ट टूट जाता है तो फिर मंदी और बढ़ती दिखेगी।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

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