जनवरी सीरीज में बाजार ने किया निराश लेकिन फरवरी के लिए दिख रही उम्मीद की किरण : अश्विन रमानी

जनवरी सीरीज में बाजार ने किया निराश लेकिन फरवरी के लिए दिख रही उम्मीद की किरण : अश्विन रमानी

[ad_1]

अश्विन रमानी, सैमको सिक्योरिटीज

जनवरी सीरीज की एक्सपायरी के दौरान निफ्टी 1.96 प्रतिशत गिर गया। निफ्टी फ्यूचर्स रोलओवर 81.28 प्रतिशत रहा, जो पिछले महीने के एक्सपायरी रोलओवर 79.54 प्रतिशत और इसके तीन/छह/नौ महीने के औसत क्रमशः 78.13 प्रतिशत, 78.60 प्रतिशत और 78.20 प्रतिशत की तुलना में ज्यादा है। बता दें कि रोलओवर किसी मौजूदा पोजीशन को एक महीने से दूसरे महीने के लिए आगे बढ़ाने की प्रक्रिया होती है। एक महीने से दूसरे महीने में हाई रोलओवर मजबूती की भावना का संकेत होता है। जबकि कम रोलओवर को आमतौर पर कमजोरी की भावना का संकेत माना जाता है।

निफ्टी फरवरी सीरीज की शुरुआत 1.28 करोड़ शेयरों के ओपन इंटरेस्ट (ओआई) के साथ करेगा। जबकि, जनवरी सीरीज की शुरुआत में इसका ओआई 1.38 करोड़ शेयरों का था। निफ्टी में पिछले महीने की तुलना हाई कॉस्ट ऑफ कैरी (+0.74 प्रतिशत) और ओपन इंटरेस्ट में गिरावट के साथ हाई रोलओवर देखने को मिला है। ये जनवरी सीरीज में लॉन्ग पोजीशंस के अनवाइंडिंग या लिक्विडेशन का संकेत है।

वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX जिसे फीयर इंडेक्स के रूप में भी जाना जाता है, ने 15.14 से शुरुआत की और 15 जनवरी को 11.78 का निचला स्तर छूता नजर आया। इससे तेजड़ियों को बड़ी राहत मिली। इस अवधि के दौरान निफ्टी में तेजी आई और इसने 16 जनवरी को 22,124 का हाई हिट किया। उसके बाद वोलैटिलिटी फिर से बढ़ने लगी और निफ्टी तब से बड़े पैमाने पर बिकवाली के दबाव में आ गया और अपने हाई से 3.48 फीसदी गिरकर 21,353 पर बंद हुआ। जनवरी सीरीज में 25 जनवरी 2024 को इंडिया VIX 13.86 पर बंद हुआ।

जनवरी सीरीज के पहले दिन विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) का लॉन्ग शॉर्ट रेशियो 69.52 फीसदी था। एफपीआई ने इंडेक्स फ्यूचर्स में शॉर्ट पोजीशन की तुलना में ज्यादा लॉन्ग पोजीशन रखीं। कीमतों के नई ऊंचाई पर पहुंचने के बावजूद, इंडेक्स फ्यूचर्स में एफपीआई की गतिविधि 16 जनवरी, 2024 तक धीमी रही। जब एफपीआई ने लॉन्ग पोजीशन समेटने शुरू किए तो बाजारों में झटके महसूस किए गए।

एफपीआई ने आक्रामक रूप से शॉर्ट पोजीशन बनाई और 17 जनवरी से मौजूदा लॉन्ग पोजीशन को समेट लिया। इसके चलते लॉन्ग-शॉर्ट रेशियो 50 प्रतिशत के निशान से नीचे चला गया और जनवरी सीरीज के आखिरी दिन ये 22.00 प्रतिशत पर रहा। इंडेक्स फ्यूचर्स में अब उनके पास लॉन्ग पोजीशन की तुलना में शॉर्ट पोजीशन ज्यादा हैं।

Budget 2024: बजट से पहले वोलेटाइल मार्केट में काम करेगी बियर पुट स्प्रेड रणनीति- एंजेल वन के समीत चव्हाण

बाजार का एक सेंटीमेंट इंडीकेटर पुट-कॉल रेशियो (पीसीआर) जनवरी सीरीज के पहले दिन 1.54 से शुरू हुआ और जनवरी सीरीज के आखिरी दिन 0.66 तक गिर गया। 1.54 की रीडिंग से पता चलता है कि बाजार में जरूरत से ज्यादा खरीदारी हो चुकी थी और एक हेल्दी करेक्शन से इंकार नहीं किया जा सकता। 22 नवंबर, 2023 के बाद पहली बार 17 जनवरी को पीसीआर 1 से नीचे गिर गया क्योंकि कॉल राइटर्स (मंदड़िये) ने पूरी जनवरी सीरीज में पुट राइटर्स को पछाड़े रखा।

जाने निफ्टी के सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

फरवरी मंथली एक्सपायरी ऑप्शन आंकड़ों पर नजर डालें तो 21,000 स्ट्राइक पुट ऑप्शन में 29,08,000 कॉन्ट्रैक्ट के साथ सबसे ज्यादा ओपन इंटरेस्ट है, इसके बाद 21,33,800 कॉन्ट्रैक्ट के साथ 20,000 स्ट्राइक पुट ऑप्शन है। अधिकतम पुट ओपन इंटरेस्ट वाली स्ट्राइक कीमतें सपोर्ट लेवल हैं। जबकि कॉल साइड में, 23,000 कॉल में 30,99,600 कॉन्ट्रैक्ट के साथ सबसे ज्यादा ओपन इंटरेस्ट है, इसके बाद 18,28,150 कॉन्ट्रैक्ट के साथ 22,000 कॉल स्ट्राइक है। अधिकतम कॉल ओपन इंटरेस्ट वाली स्ट्राइक कीमतें रजिस्टेंस लेवल हैं।

फरवरी सीरीज में बाजार में रिकवरी की उम्मीद

मौजूदा स्थिति पर नजर डालें तो 0.66 के कम पुट-कॉल रेशियो (पीसीआर) और 22 प्रतिशत के विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के लॉन्ग-शॉर्ट रेशियो से पता चलता है कि जनवरी सीरीज में मंदी की भावना हावी रही। ऐतिहासिक रुझानों से संकेत मिलता है कि जब भी पीसीआर 0.5-0.6 के आसपास घूमता है और लॉन्ग-शॉर्ट रेशियो 10-15 प्रतिशत की सीमा में होता है तो बाजार में आमतौर पर शॉर्ट टर्म रिवर्सल (रुख में बदलाव) देखने के मिलता है। ऐसे में इस बात की काफी संभावना है कि फरवरी सीरीज में बाजार में रिकवरी देखने को मिले। इससे मौजूदा मंदी की भावना दूर हो जाएगी और बाजार ऊपर की ओर बढ़ना शुरू हो जाएगा।

टेक्निकल विश्लेषण

तकनीकी रूप से देखें तो निफ्टी 11 जनवरी तक जनवरी सीरीज के पहले दस कारोबारी सत्रों में 21,500-21,800 के सीमित दायरे में कंसोलीडेट हुआ। निफ्टी पहली बार 12 जनवरी को इस रेंज से बाहर निकलता दिखा। ये 16 जनवरी को 22,124 के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गया। तब से इसमें में 3.80 प्रतिशत की गिरावट आई और जनवरी सीरीज के आखिरी दिन ये 21,353 पर बंद हुआ।

बाजार में शॉर्ट टर्म करेक्शन की उम्मीद

डेली चार्ट पर हमें लोअर लो, लोअर हाई प्राइस ऐक्शन स्ट्रक्चर देखने को मिला है। इस प्राइस ऐक्शन स्ट्रक्चर से पता चलता है कि बाजार शॉर्ट टर्म करेक्शन के शुरुआत में हो सकता है। 18 जनवरी का बना 21,285 का पिछला स्विंग हाई काफी अहम लेवल है। अगर निफ्टी 21,185 के स्तर के नीचे की क्लोजिंग देता है तो ये गिरावट 20,800 के स्तर तक बढ़ सकती है।

अगले हफ्ते भारी उतार-चढ़ाव की उम्मीद

पिछले हफ्ते वीकली चार्ट पर एक बियरिश एनगल्फिंग कैंडल का निर्माण हुआ था और पिछले हफ्ते (25 जनवरी को समाप्त) निफ्टी गिरावट को साथ बंद हुआ था। ये मंदी की भावना की पुष्टि करता है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को अंतरिम बजट पेश करेंगी और इसलिए आगामी सप्ताह में बाजार में बेहद उतार-चढ़ाव रहने की उम्मीद है। अगर निफ्टी 21,285 के स्तर के ऊपर टिका रहता तो 21,500 की स्ट्राइक पर शॉर्ट कवरिंग (सेलर्स की तरफ से मुनाफावसूली) निफ्टी को ऊपर ले जा सकती है। अगर निफ्टी 21,750 के स्तर के ऊपर मजबूती के साथ बंद होता है तो फिर इसमें फिर से तेजी शुरू हो सकती है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

अश्विन रमानी सैमको सिक्योरिटीज में डेरिवेटिव विश्लेषक हैं.

[ad_2]

Source link

CATEGORIES
Share This

COMMENTS

Disqus ( )