ऑलटाइम हाई के करीब बाजार, टॉप पर तेजी से ट्रेड करने के लिए ऑप्शन वॉल्यूम का करें इस्तेमाल : शुभम अग्रवाल

ऑलटाइम हाई के करीब बाजार, टॉप पर तेजी से ट्रेड करने के लिए ऑप्शन वॉल्यूम का करें इस्तेमाल : शुभम अग्रवाल

[ad_1]

शुभम अग्रवाल

बाजार इस समय अपने ऑलटाइम हाई के करीब कारोबार कर रहा है। हालांकि कि इस तेजी को हासिल करने के क्रम में कोई बड़ी गिरावट नहीं देखने को मिली है। हमें बीच-बीच में छोटे करेक्शन ही देखने के मिले हैं। अक्सर जब हम ऐसी स्थिति में होते हैं, तो हम बाजार के उच्चतम स्तर के निकट खरीदारी के सौदे में फंसना नहीं चाहते हैं। दूसरी ओर, अगर बाज़ार को एक और बड़ी बढ़त होने की उम्मीद हो तो हम मौका भी नहीं चूकना चाहते हैं।

इस दुविधा का समाधान शॉर्ट टर्म रुझानों की लहर पर सवार होकर और तेजी से छोटे-छोटे ट्रेड लेकर किया जा सकता है। लेकिन इसके हमें एक ठोस आधार की जरूरत होती जो हमें बाजार में ऐसे शॉर्ट टर्म मूवमेंट की पहचान करने में मदद कर सके।

जैसा कि हम सभी जानते हैं, कीमत के अलावा फ्यूचर्स और ऑप्शन बाजार में वॉल्यूम एक और अहम डेटा होता है जो बाजार में ट्रेडरों की भागीदारी और एक्शन का संकेतक होता है। बाजार सहभागियों के मुताबिक वॉल्यूम सबसे पुराने और सबसे विश्वसनीय संकेतकों में से एक है।

एफ एंड ओ बाजार की तरफ नजर करें तो यहां हमारे पास दो तरह के ऑप्शन होते हैं कॉल और पुट। इसमें एक खरीदने का ऑप्शन (कॉल ) है और दूसरा बेचने का ऑप्शन है (पुट)। यहां वॉल्यूम के जरिए बाजार के मूड का अंदाजा लगाना आसान हो जाता है।

इन दोनों को मिला कर देखने पर हमारे पास वॉल्यूम पुट कॉल रेशियो नाम का उपयोगी शॉर्ट टर्म ट्रेंड इंडीकेटर आ जाता है।

वॉल्यूम पुट कॉल रेशियो = किसी विशेष सिंबल के ऑप्शन का (कुल पुट ऑप्शन वॉल्यूम / कुल कॉल ऑप्शन वॉल्यूम)

यहां, ‘कुल वॉल्यूम’ का तात्पर्य कॉल या पुट ऑप्शन के सभी एक्सपायरी और सभी स्ट्राइक्स के वॉल्यूम से है। इसे समझना भी सरल है। हायर पुट वॉल्यूम रेशियो को ज्यादा बढ़ा देगा और तुलनात्मक रूप से ऊंचा कॉल वॉल्यूम रेशियो को नीचे धकेल देगा।

इस ट्रेड डेटा का इस्तेमाल करते समय हमें तीन बड़ी बातों को ध्यान में रखना चाहिए।

1. ऐतिहासिक आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि ट्रेंड की तरह ही कॉल या पुट वॉल्यूम का प्रभुत्व भी थोड़े समय के लिए रहता है।

2. वॉल्यूम पीसीआर ऐसा आंकड़ा है जिसमें ट्रेड डेटा केवल एक रेंज में ही चलता है। उदाहरण के लिए, निफ्टी के लिए ये पिछले 3 सालों में 0.7-1.3 की अच्छी रेंज में बढ़ते दिखा है।

3. वॉल्यूम पीसीआर की अंतिम और सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सिंबल प्राइस के साथ नकारात्मक रूप से संबंधित होता है। इसका मतलब यह है कि वॉल्यूम पीसीआर अक्सर सिंबल प्राइस में गिरावट के दौरान बढ़ जाता है और अक्सर सिंबल प्राइस में बढ़त के दौरान गिर जाता है।

नकारात्मक संबंध और वॉल्यूम पीसीआर के रेंज बाउंड नेचर का यह संयोजन हमें शॉर्ट टर्म में होने वाले छोटे उतार-चढ़ाव का अंदाजा लगाने में सहायता देता। अब, अगर हम इसका अनुसरण करते हैं तो जैसे ही हमें वॉल्यूम पीसीआर हाल के निचले स्तर पर जाता दिखता है (जहां से इसके बढ़ने की अधिक संभावना है) वैसे ही हम सिंबल प्राइस को लेकर सतर्क हो जाते हैं। इसकी वजह ये है कि वॉल्यूम पीसीआर में बढ़त के दौरान अक्सर सिंबल प्राइस में गिरावट होती है।

Daily Voice : IT सेक्टर में जोरदार रिकवरी की उम्मीद, इस सेक्टर में जोखिम और अवसर दोनों

वॉल्यूम पीसीआर से आपको बदलाव की पहली झलक को पहचानने में मदद मिल सकती। रेंज में तेजी से होने वाले बदलाव हमें ट्रेड में तेजी से हो रहे उतार-चढ़ाव के बारे में जानकारी दे सकते हैं जो आपको बाजार की तेजी से बदलती दिशा के साथ तालमेल बिठाने में मदद करते हैं।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

शुभम अग्रवाल क्वांट्सएप प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ और रिसर्च हेड हैं।

[ad_2]

Source link

CATEGORIES
Share This

COMMENTS

Disqus ( )